Maine gaand marwa hi li – मैंने गांड मरवा ही ली

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Maine gaand marwa hi li – (मैंने गांड मरवा ही ली) हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम पायल है। मेरी उम्र 19 साल है। यह कहानी नहीं, 1 साल पुरानी बात है। आप यह कहानी AntarvasnaHub.com पर पढ़ रहे हैं। यह एक देसी सेक्स कहानी है।

जब मैं 12वीं में थी मेरी फिगर 34-28-32 थी। मैं जीन्स ज़्यादा पहनती हूँ और मुझे अच्छी भी लगती है,, यह कहानी तब की है जब मैं 12वीं में थी। मेरे घर पर एसी अच्छा नहीं चल रहा था तब पापा ने एसी रिपेयरर को कॉल किया और कहा कि कोई अच्छे से एक्सपीरियंस वाले को भेजना रिपेयर करने के लिए,,

और फिर पापा ऑफिस चले गए। थोड़ी देर बाद एसी रिपेयर करने के लिए एक 40–45 साल का बूढ़ा आया और उसने मुझसे पूछा एसी कहाँ है, तो मैं उसे कमरे में ले गई और एसी दिखाकर मैं नहाने चली गई। वहाँ सिर्फ मम्मी थीं और एसी वाला बूढ़ा बाथरूम में चला गया जो दूसरे कमरे में था। मैं नहाकर वापस सिर्फ तौलिये में आ गई और बाल पोंछने लगी। तब तक वो बूढ़ा एसी रिपेयर कर रहा था। फिर मम्मी के मोबाइल पर उनकी फ्रेंड का कॉल आया तो मम्मी ने मुझसे कहा, “बेटा मैं शॉपिंग जा रही हूँ अपनी फ्रेंड्स के साथ।

” मम्मी ने फिर कहा, “मैं जाती हूँ, एसी ठीक से चेक कर लेना,” मैंने कहा “ओके” और मम्मी चली गईं। मैं अभी तक सिर्फ तौलिये में थी। मैं फिर उस कमरे में गई जहाँ वो बूढ़ा था। मेरे दिमाग में आइडिया आया, शैतानी क्यों न थोड़ा बूढ़े के साथ मज़े किए जाएँ। फिर मैंने अलमारी खोली और नीचे झुकी, जिसमें मेरी गांड उसकी तरफ थी। उसने मुझे देखा तो वो गिरते-गिरते रह गया। फिर मैंने ब्रा और पैंटी निकाली और एक टॉप और जीन्स, और मैं जान-बूझकर उसे ब्रा पैंटी दिखाने लगी, तो वो अपने लुंड पर हाथ रख रहा था। मुझे भी मज़ा आ रहा था।

फिर मैं बाहर गई और ब्रा पैंटी पहनी लेकिन ब्रा का हुक नहीं लगाया और कमरे में गई और बूढ़े से कहा प्लीज़ मेरी मदद कर दो बूढ़ा जो मेरे हिप्स और तौलिया में छुपे आधे खुले बूब्स को पहले ही देख कर बहुत गरम हो चुका था, दोबारा मुझे अपने सामने पैंटी और सिर्फ अपने हाथों से अपने बूब्स पर रखे हुए ब्रा को देख कर उसके मुँह में पानी भर आया…

जवान, खूबसूरत और साफ़ जिस्म को देख उसकी रिपेयर वाली यूनिफॉर्म में उसकी पैंट से उभरा हुआ लंड मैं आसानी से देख सकती थी… उसने कांपती हुई आवाज़ में पूछा कि ‘क, क, क कैसी मदद??’ मैं बूढ़े के और करीब हो गई और बोली अंकल ये मेरा ब्रा एडजस्ट कर दें, मुझसे हो नहीं रहा, ये कह कर मैं घूम गई और अपनी पीठ बूढ़े की तरफ कर दी..

अंधे को 2 आँखों के अलावा कुछ नहीं चाहिए होता.. वह आहिस्तगी से मेरे पास आया और एडजस्ट करने लगा। बूढ़े के हाथों की कपकपाहट मैं अपनी कमर पर महसूस कर रही थी… एडजस्ट करते हुए बूढ़े के हाथों की रगड़ मैं अपनी कमर पर महसूस कर रही… जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था…. एडजस्टमेंट का प्रोसीजर बहुत लंबा हो गया… बूढ़े ने ग्रीन सिग्नल दे दिया था और मैं अपनी गाड़ी पहले से ही तैयार कर रखी थी।

अचानक मैंने अपनी गांड को आहिस्तगी से पीछे करती गई और बूढ़े के खड़े लुन पर गैरमामूली अंदाज़ से रगड़ने लगी.. बूढ़े के लुन का खुरदुरापन अपनी नाज़ुक गांड पर महसूस कर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था जिसका मैं अनुमान नहीं लगा सकती.. फिर बूढ़े ने अचानक वो काम किया जो मैं चाहती थी.. उसने ब्रा को छोड़ कर पीछे से मुझे कस कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरे हाथों को हटाते हुए ब्रा को खींच कर अलग कर दिया और मेरे 34 के मम्मी अपने मज़बूत हाथों में ले लिए और ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा…

बॉब्स को मसलने के साथ-साथ वो मेरी गर्दन और मेरे बालों को चूमने लगा और कभी-कभी मेरे कान को अपने मुँह में डाल लेता… फिर अचानक उसने ज़ोर-ज़ोर से अपना लुन मेरी गांड पर मसलना शुरू कर दिया… मैं सुरूर के आलम में पहुँच गई और मज़े की वजह से मेरे मुँह से आआआओओह्हम्म की आवाज़ें निकल रही थीं.. और फिर वो गर्दन से शोल्डर्स पर आया और मेरे शोल्डर्स पर काटने लगा… इस दौरान हमारी कोई बात नहीं हुई..

लेकिन उसके काटने से मुझे दर्द होने लगा तो मैं बोली: अंकल प्लीज़ काटें ना, मुझे दर्द हो रहा है, ये काम आराम से भी आप कर सकते हैं.. लेकिन बूढ़े ने कोई जवाब नहीं दिया और बदस्तूर अपने काम में मगन रहा… फिर उसने अपने हाथों को अचानक मेरे बॉब्स से, जिनको वो बेदर्दी से मसल रहा था, अलग किया और नीचे हाथ ले जाकर मेरी पैंटी झट से नीचे की तरफ खींच दी..

अब मैं पूरी की पूरी नंगी हो गई थी… बूढ़े ने फिर मुझे आगे की तरफ धकेलकर बेड की तरफ ले गया और मुझसे मेरे निप्पल को दबाने लगा। थोड़ी देर के बाद उस आदमी ने अपने हाथ से मेरे दोनों पैरों को फैला दिया। और अपना सिर मेरी चूत के पास ले आया।

कुछ देर तक मेरी चूत को देखने के बाद उस आदमी ने अपने होंठों पर जीभ फेरते हुए मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से चाटने लगा। मुंह से धीरे-धीरे ओह्ह्ह आह्ह उउउम्म की आवाज़ निकलने लगी। इस बीच में बूढ़ा मेरी छूचियों को जोर-जोर से दबा रहा था। इस बॉब्स दबाई और चूत की मुंह चुदाई से मैं काफी उत्तेजित हो चुकी थी।

मैंने महसूस किया कि बूढ़े का लंड खड़ा हो चुका है। बूढ़ा मेरी पैंटी उतारने की कोशिश करने लगा। मैं थोड़ा ऊपर उठ गई तो बूढ़े ने मेरी पैंटी उतार दी। अब मैं पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी। बूढ़े ने मुझसे कहा कि मैं थोड़ा ऊपर उठ जाऊं, मैं थोड़ा ऊपर उठी। तो बूढ़े ने अपना लंड मेरी गांड पर टिका दिया। और मुझसे बैठने के लिए कहा, मैं बैठ गई। जब मुझे पता चला कि गांड में लंड क्या होता है। बूढ़े का लंड करीब 8 इंच का था।

और 3 इंच मोटा था। मेरी गांड में बड़ी मुश्किल से गया था। मुँह से आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह उम्म्म की आवाज निकलने लगी। बूढ़ा धीरे-धीरे मेरी गांड मारने लगा। अब बूढ़े का लड़का भी मेरे सामने घुटनों के बल खड़ा हो कर मेरी चूत पर टिकाने की कोशिश करने लगा। मैंने उसका लुंड पकड़ा तो उस आदमी का लुंड भी बूढ़े जैसा ही था। मैंने लुंड को अपनी चूत के छेद पर टिकाया।

और उस आदमी ने एक ही झटके में अपना आधा लुंड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरे मुँह से चीख निकल गई, पर उस आदमी ने मेरे लिप्स पर अपने लिप्स टिकाकर मुझे किस करने लगा, जिसकी वजह से मेरी आवाज मेरे मुँह में ही दबकर रह गई। इधर बूढ़ा मेरे बूब्स को दबा रहा था और साथ से मेरी गांड में अपना लुंड पेल रहा था। करीब आधा घंटे तक दोनों मेरी चुदाई करते रहे।

और आधे घंटे के बाद दोनों ने एक साथ ही अपना गरमा-गरम माल मेरी चूत में गिरा दिया। मुँह से आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह उम्म्म की आवाज निकलने लगी। मैं पूरी तरह से तृप्त हो चुकी थी। और वे दोनों मुझसे लिपट गए। मैं बूढ़े की गोद में से उठी और बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गई। तभी 4 आदमी बाथरूम में मेरे पीछे-पीछे आ गए.. कोई भी आंटी, स्कूलगर्ल, मोटा लुंड लेना चाहती हो तो कॉल मी

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