मैंने चुदाई का मज़ा लिया

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Maine chudai ka maja liya (मैंने चुदाई का मज़ा लिया) मेरा नाम जावेद है, उम्र 26 साल है, मेरे चार निकाह हुए हैं। बड़े भैया ने 2 शादियाँ की थीं, मेरी भी 2 शादियाँ तय हुई थीं

आप यह कहानी AntarvasnaHub.com पर पढ़ रहे हैं। यह एक देसी सेक्स कहानी है।

पारिवारिक रिवाज़ के मुताबिक ही। लेकिन भाई की मौत के कारण उनकी दोनों बीवियाँ भी मेरी ही बीवी बनीं। भैया मुझसे 7 साल बड़े थे, उनकी शादी फूफी जान और चाचाजान की लड़की से तय हुई। पहली बीवी का नाम फातिमा था, उसकी उम्र 18 की थी और भैया की 22 की थी। मैं उस वक्त 15 का ही था। दूसरी भाभी रुखसाना 15 की ही थी, इसलिए उसको 18 के बाद ही हमारे घर आना तय हुआ था। मेरी पहली बीवी जिया 14 और दूसरी बीवी साजिया 12 की थी, इसलिए उन दोनों को भी 18 की होने के बाद ही हमारे यहां आना तय हुआ था।

संपन्न परिवार था, लेकिन भाई की मौत हुई तब मैं 17 पार कर चुका था, और दोनों भाभियों को भी रस्म के अनुसार मेरी बीवी बना दिया गया। और मुझे और रुखसाना को खास हिदायत थी कि जब तक मैं 21 का न हो जाऊं और मेरी पढ़ाई कम से कम बी.कॉम तक न हो, मुझसे शारीरिक संबंध न बने। और ऐसा ही हो भी रहा था, क्योंकि अब्बा से घर में सब डरते थे। अब्बा ने भी तीन शादियां की थीं, अम्मी तो मर चुकी थी, सौतेली अम्मियां थीं, एक की उम्र 34 और दूसरी 27 की थी।

जब मैं 18 का हुआ, अब्बा की तबीयत खराब रहने लगी। मुझे टाउन में किराए का घर लेकर पढ़ाई करनी पड़ रही थी। मेरे एग्जाम के 2 महीने पहले सौतेली अम्मी, छोटी वाली, मेरे पास ही आ गई ताकि मेरी मदद हो सके। बीवी आने से जिस्मानी संबंध न बने, इस वजह से अब्बा ने रुखसाना को नहीं आने दिया था।

सौतेली अम्मी 29 की थी और नाम शायरा था, बहुत ही गोरी, हट्टी-कट्टी और सुंदर थी। मेरे यहां आईं तो उनका स्टाइल ही बदल गया था, क्योंकि अब्बा के डर से उनको भी बुर्के में ही बाहर निकलना पड़ता था। यहां ऐसी कोई बंदिश नहीं थी। मेरे साथ हंसी-मजाक भी करती।

हम दोनों साथ में टहल भी आते, 4-5 दिन में हम दोनों काफी खुल भी गए, जो कि गाँव में रहते हुए संभव भी नहीं था। 4-5 दिन के बाद की बात है, मैंने पूछा आप लाइट ऑन करके क्यों सोती हैं, और दिन में भी आपको बहुत नींद आती है, तो बोली, मुझे अकेले सोने में बहुत डर लगता है, रात भर नींद नहीं आती, और अगर किसी को ना कहो, तो प्लीज़ मेरे कमरे में ही सो जाया करो, ताकि मैं नींद पूरी कर सकूँ। मैंने हाँ भर दी। मुझसे 11 साल बड़ी थी और रिश्ते में सौतेली अम्मी थी,

लेकिन हमारा परिवार थोड़ा पुराने विचारों वाला था। लेकिन हम दोनों की सोच ऐसी पुराने ख्यालात वाली नहीं थी। मैंने कहा, मुझे शर्ट पहन के सोने की आदत नहीं, मैं बनियान ही पहन के सोऊँगा, उसने भी जवाब में हाँ कह दिया और बोली कि मैं भी साड़ी उतार के पेटीकोट ही पहनकर सोया करती हूँ, मैं भी राज़ी थी। मेरे सामने ही उसने साड़ी खोली,

और बगल में लेट गई। बातें करते-करते अचानक ही उसने अपना नाड़ा ढीला करके पेटीकोट को नाभि से नीचे कर लिया, क्योंकि कमर पर नाड़े का दाग था, खुद ही बोली पसीने से दाग हो गया और खुजली आ रही है। मैं टीवी देखता रहा और चुप-चुप के नाभि को, बहुत ही मुलायम सी, दूधिया और गोल देखता रहा। मैंने उनके कमर के साइड में पड़े लाल से दाग पर उंगली लगाकर कहा,

आप थोड़ा सा पाउडर लगा लो, वो थकी हुई थी, इसलिए मुझे ही उठ के पाउडर लाना पड़ा, मुझे ही लगाने भी बोल दिया, मैं थोड़ी दूर तक कमर में ही लगाया, तो बोली पूरे पेट में ही लगा दो, मैं डर भी रहा था, मज़ा भी आ रहा था, मैं बीच-बीच में नाभि को टच कर रहा था डरते-डरते, हँसते हुए बोली, नाभि में भी लगा दो, मैं खुशी से चौंक गया और नाभि में उंगली घुसा दी, उनके पूरे पेट को जी भर के हाथ से सहलाया और बारी-बारी से नाभि में भी उंगली डालता रहा। लेकिन हिम्मत नहीं थी

कि और आगे बढ़ूं, क्योंकि अब्बा को अगर कुछ कह दिया तो वो मेरी जान ही ले लेंगे। मुझे पूछा कभी अपनी बीवी के साथ चुपके से फन किया या नहीं, मैं नहीं समझा, हँस पड़ी, बोली तुम बेवकूफ हो, बेकार ही बाप से डरते हो, अब वो बीमार है और बूढ़ा भी, तुम्हारे ही सहारे है पूरा परिवार, इसलिए जब घर जाओगे तो मौका पा के अपनी भाभी यानी बीवी को हासिल कर लेना, मैं हासिल करने का मतलब साफ जानना चाहता था, मेरा चेहरा हैरानी से देखने लगी, मेरा भोलापन उसको अच्छा लगा, बोली ठीक है मैं बता दूंगी कैसे हासिल किया जाता है।

मुझे पूछा तुमको नाभि देख के उसको किस करने का मन हुआ है ना, मैंने हाँ बोला, तो कहा फिर किस करो ना, और चूसो भी, मैंने चूसना शुरू कर दिया, 3-4 मिनट बाद उसके पेट से सिर उठाया तो देखा उसके दोनों बड़े-बड़े और गुलाबी रंग के निप्पल खुले पड़े हैं,

उसके कहे मुताबिक दोनों स्तन चूसे, मुझे कपड़े उतारकर नंगा होने को कहा, मैं डर गया, ज़बरदस्ती करने लगी और मेरे कपड़े उतार दिए, खुद भी नंगी हो गई। मैं डर के मारे कमरे से भागना चाहता था, लेकिन उसकी गिरफ़्त में था। उसने मुझे ही बिस्तर पर लिटा कर मेरे ऊपर बैठ गई और मेरे निप्पल चूसने लगी, मेरी नाभि भी चूसने लगी।

मेरे लंड को पकड़ते ही करंट सा लगा, मैं गिड़गिड़ाया, उसने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मैं सरेंडर हो गया। तब वह बगल में लेट गई और बोली कि अगर मैंने उसे नहीं चुदाया तो वह कल ही चली जाएगी और उस बूढ़े को बताएगी कि मैंने उसे छेड़ा है। मैं डर गया। उसने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया और स्तनों को दबाते हुए चूसने को कहा, डर के कारण मजबूर था, और मज़ा भी आ रहा था।

फिर मुझे अपनी चूत को चूसने को कहा, मुझे घिन आ रही थी लेकिन मजबूर था, फिर मेरे लंड को अपने अंदर डालने को कहा, मैंने थोड़ा ही डाला तो मुझे रुकने को कहा और बोली, माशाअल्लाह, इतना बड़ा लंड पहली बार मिल रहा है, मतलब साफ था कि अब्बू के अलावा भी किसी और से चुदवा चुकी थी, पूछने पर बताया कि मेरे हिचाचा यानी कि मेरे ससुर ने भी कई बार उसकी चुदाई की है, लेकिन उसका भी लंड छोटा ही है। मैं उसकी बातें सुनकर हैरान था, और मज़े भी आ रहे थे,

मैं भी अब बेशर्म हो रहा था, मैं उसकी आज्ञा की परवाह किए बिना ही उसके अंदर एक ही झटके में लंड पूरा घुसा दिया, चिल्ला पड़ी, उईiiiiii माआआआआ, साले धीरे, कुत्ते, गालियाँ देने लगी, और दोनों पैरों से कैंची बनाकर मेरी कमर को जकड़ लिया, मैं और धक्के नहीं लगा पा रहा था, लेकिन लंड पूरी तरह उसके अंदर घुसा और टाइट था।

2 मिनट बाद ढीला छोड़कर धीरे-धीरे धक्का लगाने को कहा, मैं शुरू हुआ, और वो आवाजें निकालती रही, उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ और जोर से, उई माआआ, मैं 2-3 मिनट में ही झड़ गया, और लेट गया। वो भी 4-5 मिनट तक चुपचाप पड़ी रही। फिर मेरे लंड को चूसना शुरू किया, मुझे जलन सी होने लगी लंड पर, तब मुझे बोली तेरा पहला टाइम है, कोई बात नहीं अभी तेल लगा देती हूँ, अब कल करेंगे,

अगला भाग… 2

आगे की कहानी आपको अगले भाग में मिलेगी।
जल्द ही फिर मिलेंगे आपसे…

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