अनुष्का मेरी सहेली

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अनुष्का मेरी सहेली मैं उन्नीस साल की लड़की हूँ। मैं अपने घर में मम्मी के साथ रहती हूँ, मेरे पापा एक खाड़ी-देश में हैं। मेरी मम्मी एक निजी विद्यालय में पढ़ाती हैं। हम लोग दूसरी मंज़िल पर रहते हैं और नीचे लड़कियों के रहने के लिए किराए के आवास हैं। कुछ दिनों पहले यहाँ एक लड़की अनुष्का रहने आई। वो भी मेरी कक्षा में पढ़ती थी इसलिए हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई। Anushka meri saheli

परीक्षा के दिन थे, मम्मी दिन भर विद्यालय में रहती थी और हम दोनों घर में अकेले रह कर पढ़ते थे। एक दिन वो पढ़ते पढ़ते किसी काम से अपने कमरे में गई और देर तक वापिस नहीं आई। मेरा मन भी पढ़ने में नहीं लग रहा था इसलिए मैंने उसका मोबाईल, जो वो यहीं छोड़ गई थी, उठा लिया और गाने सुनने लगी। फ़िर मैं वीडियो फ़ाइल्स देखने लगी। तभी मुझे उसके मोबाइल में एक ब्लू-फिल्म वीडियो-क्लिप मिला। मैंने ये पहले कभी नहीं देखा था इसलिए मैं गौर से देखने लगी। जैसे जैसे मैं देख रही थी मुझे मज़ा भी आ रहा था और मेरी धड़कने भी बढ़ रही थीं।

तभी अनुष्का वापस आ गई। मैंने घबरा कर फ़ोन बंद कर दिया।

अनुष्का ने कहा- तुम इतनी घबराई क्यूँ हो?

मैंने कहा- कुछ नहीं तो !

लेकिन अनुष्का को मुझ पर शक हो गया था और जैसे ही उसने मेरे हाथ में मोबाइल देखा वो समझ गई। उसने मुस्कुराते हुए कहा- मैं समझ गई तुमने क्या देखा है ! अरे इसमें शरमाने की क्या बात है? मैंने भी तो देखा है, सब देखते हैं ! क्या तुमने पहले कभी नहीं देखा है?

मैंने कहा- नहीं ! मैंने पहले कभी नहीं देखा है।

तो उसने कहा- चलो दोनों मिल कर देखते हैं।

यह कह कर उसने दरवाज़ा बंद कर दिया और हम दोनों लेट कर ब्लू फिल्म देखने लगे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने हौले से अनुष्का के हिप पर चिकोटी काट ली। अनुष्का मुस्कुरा पड़ी और उसने भी अपना हाथ हौले से मेरी पीठ में डाल दिया। उसके हाथ धीरे धीरे मेरी ब्रा के हुक तक पहुँच चुके थे और उसे खोलने की कोशिश कर रहे थे।

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मैंने कहा- क्या कर रही हो अनुष्का?

वो बोली- पगली ! देखने से ज्यादा करने में मज़ा आता है, तू देख तो सही !

ये कह कर उसने मेरी ब्रा के हुक खोल दिए और मुझे चित्त लिटा दिया। उसके बाद वो मेरे कपड़े ऊपर करने लगी, मैं बस उसे देख रही थी। अब मेरे स्तन बिलकुल नंगे थे। वो मेरे चूचुकों को हौले हौले मसल रही थी और मेरे मुंह से सिसकारी सी निकल पड़ी। उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे। हम करीब दस मिनट तक यूँही होंठ चूसते रहे।

फिर अनुष्का ने उठ कर मेरी पैंट के बटन खोल दिए और मेरे सारे कपडे निकाल दिए। उसने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए। मैं अपनी याद में पहली बार किसी के सामने नंगी हुई थी। अनुष्का ने मुझे फिर पीठ के बल लिटा दिया और मेरी टांगों को फैला दिया। फिर उसने अपने होंटों को मेरी चूत पर रख दिया और ज़बान फिराने लगी। मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकती।

वो मेरी चूत को बुरी तरह चाट रही थी और कभी कभी उसकी उँगलियाँ भी मेरी चूत के अन्दर बाहर हो रही थी। मैंने अपना सारा रस उसके मुंह में छोड़ दिया। अब उसकी बारी थी, वोह टांग फैला कर लेट गई और मैंने उसके चूत को चाटना शुरू किया, ये सचमुच बहुत रोचक काम था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। थोड़ी ही देर में वो भी झड़ गई। हम दोनों ने कपड़े पहने और वो अपने कमरे में चली गई।

मैं सोच रही थी कि जब एक लड़की के साथ इतना मज़ा आया तो लण्ड पाकर कितना मज़ा आएगा!!!!!

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